Rahasya (Hindi Edition of the Secret)

Rhonda Byrne

Paperback • 319 Pages • ₹ 319.00 • Hindi • 9788183220941
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Publisher Manjul Publishing House
ISBN13 9788183220941
ASIN/SKU 8183220940
Book Format Paperback
Language Hindi
Pages 319
List Price ₹ 319.00
Publishing Date 19/09/2019
Dimensions 22 x 14 x 1.5 cm
Weight 330 g
Book Code BD00070743

Discover Rahasya (Hindi Edition of the Secret) by Rhonda Byrne. This book is published by Manjul Publishing House in Paperback format, ISBN 9788183220941, ASIN 8183220940, under Self-Help, Personal Transformation.

Book Description

एक महान रहस्य के अंश पुराने काव्य, साहित्य, धर्मों, दर्शनों में सदियों से मौजूद हैं। रहस्य के ये सभी अंश पहली बार इकट्ठे होकर अविश्वसनीय रूप में सामने आ रहे हैं, इस रहस्य का ज्ञान और अनुभव सभी लोगों के जीवन का कायाकल्प कर सकता है। इस पुस्तक में आप अपने जीवन के हर पहलू - धन, सेहत, संबंध, खुशी और लोक-व्यवहार - में रहस्य का प्रयोग करना सीखेंगे। आप अपने भीतर छिपी उस प्रबल शक्ति को जान जाएँगे, जिसका दोहन नहीं हुआ है। यह एहसास आपके जीवन के हर पहलू को खुशियों से भर सकता है। रहस्य में आधुनिक युग के उपदेशकों का ज्ञान भी शामिल है, जिन्होंने इसका प्रयोग सेहत, दौलत और सुख हासिल करने में किया है। उनकी रोचक कहानियों से पता चलता है कि रहस्य के ज्ञान पर अमल करने से बीमारियाँ ठीक हो सकती हैं, अथाह दौलत पाई जा सकती है, समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। और असंभव समझी जाने वाली चीज़ों है को हासिल किया जा सकता है। आप अपने हाथों में एक महान रहस्य थामे हैं... यह युगों-युगों से हस्तांतरित होता आ रहा है। इसे सभी पाना चाहते थे, इसे छिपाया गया, यह खो गया, इसे चुराया गया और ढेर सारी दौलत में खरीदा गया। सदियों पुराना यह रहस्य इतिहास के कुछ सबसे मशहूर लोगों को मालूम था : प्लेटो, गैलिलियो, बीथोवन, एडिसन, कारनेगी, आइंस्टाइन तथा अन्य महान आविष्कारकों, धर्मशास्त्रियों, वैज्ञानिकों और चिंतकों को अब यह रहस्य पूरी दुनिया को बताया जा रहा है। "जब आप यह रहस्य सीखेंगे, तो आप जान जाएंगे कि आप अपने मनचाहे व्यक्तित्व को कैसे पा सकते हैं, अपने मनचाहे काम कैसे कर सकते हैं और अपनी मनचाही चीज़ कैसे पा सकते हैं। आप जान जाएँगे कि आप सचमुच कौन हैं। आप उस सच्ची भव्यता को जान जाएँगे, जो जीवन में आपका इंतज़ार कर रही है।" - प्रस्तावना से द सीक्रेट के फ़िल्म संस्करण के बारे में अधिक जानकारी के लिए www.thesecret.tv पर जाएँ।

Author Biography

हममें से हर एक की तरह ही रॉन्डा बर्न भी जीवन में अन्वेषण के मार्ग पर चल रही हैं। रास्ते में उन्होंने लेखकों, धर्मशास्त्रियों, उपदेशकों, फ़िल्म-निर्माताओं, डिजाइनर्स और प्रकाशकों की बेहतरीन टीम बनाई, जिन्होंने मिलकर द सीक्रेट दुनिया तक पहुँचाई । बर्न के इस सपने ने करोड़ों लोगों तक ख़ुशी का संदेश पहुँचाया है। इस टीम में जॉन असाराफ़, माइकल बर्नार्ड बेकविथ, ली ब्रोअर, जैक कैनफ़ील्ड, डॉ. जॉन डेमार्टिनी, मैरी डायमंड, माइक डूली, बॉब डॉयल, हेल ड्वोस्किन, मोरिस गुडमैन, डॉ. जॉन ग्रे, डॉ. जॉन हेजलिन, विल हैरिस, डॉ. बेन जॉनसन, लॉरल लैंजमियर, लीसा निकोल्स, बॉब प्रॉक्टर, जेम्स रे, डेविड स्कर्मर, मार्सी शिमॉफ़, डॉ. जो विटाल, डॉ. डेनिस वेटली, नील डोनाल्ड वेल्श और डॉ. फ्रेड एलन वोल्फ़, पीएच.डी. शामिल हैं।

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Book Summary

रहस्य (The Secret) Rhonda Byrne की प्रसिद्ध पुस्तक है, जो मुख्य रूप से इस विचार पर आधारित है कि हमारे विचार, भावनाएँ और विश्वास हमारे जीवन के अनुभवों को गहराई से प्रभावित करते हैं। हिंदी में प्रकाशित “रहस्य” पाठकों के सामने तथाकथित “Law of Attraction” अर्थात आकर्षण के नियम को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। पुस्तक का केंद्रीय संदेश यह है कि मनुष्य अपने जीवन को केवल बाहरी परिस्थितियों का निष्क्रिय शिकार मानने के बजाय अपने विचारों, भावनाओं और दृष्टिकोण के माध्यम से अपने अनुभवों को बदलने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। Byrne इस विचार को धन, स्वास्थ्य, संबंधों, काम, सफलता और व्यक्तिगत संतोष जैसे जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ती हैं।

पुस्तक की शुरुआत एक ऐसे “रहस्य” की चर्चा से होती है जिसे लेखक मानव इतिहास की अनेक महान परंपराओं, विचारकों और सफल व्यक्तियों की शिक्षाओं में छिपा हुआ मानती हैं। Byrne के अनुसार यह रहस्य आकर्षण का नियम है। जिस प्रकार भौतिक संसार में गुरुत्वाकर्षण काम करता है, उसी तरह उनके प्रस्तुत दृष्टिकोण में आकर्षण का नियम विचारों और भावनाओं के स्तर पर काम करता है। सरल शब्दों में, पुस्तक यह समझाने का प्रयास करती है कि व्यक्ति जिस चीज पर लगातार ध्यान देता है, उसके बारे में भावनात्मक रूप से विश्वास करता है और जिसे अपने जीवन में चाहता है, उसकी दिशा में उसके अनुभव और निर्णय बढ़ने लगते हैं।

इस विचार को समझने के लिए पुस्तक विचारों को अत्यंत महत्वपूर्ण मानती है। मनुष्य दिनभर अपने भीतर अनेक विचार पैदा करता है, लेकिन अक्सर वह यह नहीं देखता कि उसके विचार उसके व्यवहार और भावनाओं को कैसे प्रभावित करते हैं। यदि किसी व्यक्ति का मन लगातार भय, कमी, असफलता और चिंता पर केंद्रित रहता है, तो उसका पूरा मानसिक संसार उन्हीं भावनाओं से भर सकता है। इसके विपरीत, यदि वह अपने ध्यान को अवसरों, कृतज्ञता, संभावनाओं और इच्छित भविष्य की ओर मोड़ता है, तो उसके सोचने और कार्य करने का तरीका बदल सकता है। पुस्तक इसी मानसिक परिवर्तन को जीवन में परिवर्तन का पहला चरण मानती है।

“रहस्य” में विचारों को एक प्रकार के मानसिक बीज की तरह देखा जा सकता है। जैसा विचार बार-बार मन में बोया जाता है, वैसी ही मानसिक दिशा विकसित होने लगती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति लगातार स्वयं से कहता है कि वह किसी काम में सक्षम नहीं है, तो वह अवसर आने पर भी पीछे हट सकता है। दूसरी ओर, यदि वह अपने भीतर यह विश्वास विकसित करता है कि वह सीख सकता है, प्रयास कर सकता है और कठिनाइयों से आगे बढ़ सकता है, तो उसके व्यवहार में अधिक आत्मविश्वास दिखाई दे सकता है। इस अर्थ में पुस्तक का संदेश केवल इच्छाएँ करने तक सीमित नहीं है; यह पाठक को अपने भीतर चल रही मानसिक बातचीत को पहचानने के लिए भी प्रेरित करती है।

पुस्तक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इच्छा की शक्ति पर केंद्रित है। Byrne के अनुसार व्यक्ति को यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह वास्तव में अपने जीवन में क्या चाहता है। अस्पष्ट इच्छा की तुलना में स्पष्ट इच्छा व्यक्ति को दिशा देती है। इसलिए पुस्तक कल्पना करने, लक्ष्य को स्पष्ट रूप से देखने और उसके बारे में सकारात्मक भावनाएँ विकसित करने पर जोर देती है। यदि किसी व्यक्ति को यह नहीं पता कि वह क्या चाहता है, तो उसके प्रयास भी बिखरे हुए हो सकते हैं। इसके विपरीत, स्पष्ट लक्ष्य उसके निर्णयों और प्राथमिकताओं को व्यवस्थित करने में सहायता कर सकता है।

इसी संदर्भ में पुस्तक Visualization, अर्थात कल्पना करने की तकनीक को महत्व देती है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति अपने इच्छित जीवन या लक्ष्य की मानसिक तस्वीर बनाए। यदि कोई व्यक्ति नया घर चाहता है, तो वह केवल “मुझे घर चाहिए” कहने के बजाय उस घर की कल्पना कर सकता है—उसका वातावरण कैसा होगा, उसमें रहने पर उसे कैसा महसूस होगा और उसका जीवन किस प्रकार बदलेगा। पुस्तक के अनुसार इस प्रकार की मानसिक कल्पना इच्छा को अधिक जीवंत बनाती है। आधुनिक मनोविज्ञान के संदर्भ में भी लक्ष्य की स्पष्ट मानसिक कल्पना व्यक्ति को प्रेरित कर सकती है, हालांकि पुस्तक आकर्षण के नियम को इससे कहीं व्यापक आध्यात्मिक सिद्धांत के रूप में प्रस्तुत करती है।

इसके बाद भावनाओं की भूमिका सामने आती है। पुस्तक में यह विचार बार-बार आता है कि केवल शब्दों से सकारात्मक सोच पर्याप्त नहीं है। व्यक्ति के भीतर यह भावना भी होनी चाहिए कि वह जिस जीवन की कल्पना कर रहा है, वह उसके लिए संभव और अर्थपूर्ण है। खुशी, कृतज्ञता, प्रेम, उत्साह और संतोष जैसी भावनाओं को पुस्तक सकारात्मक मानसिक स्थिति से जोड़ती है। इसके विपरीत भय, क्रोध, निराशा और लगातार कमी की भावना व्यक्ति को उस जीवन से दूर रखने वाली मानसिक स्थिति के रूप में प्रस्तुत की जाती है जिसे वह पाना चाहता है।

यहाँ कृतज्ञता पुस्तक का विशेष रूप से महत्वपूर्ण विचार बन जाती है। Byrne पाठक को उन चीजों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करती हैं जो उसके जीवन में पहले से मौजूद हैं। अक्सर मनुष्य का ध्यान उन चीजों पर अधिक रहता है जो उसके पास नहीं हैं। वह सोचता है कि जब उसके पास अधिक पैसा होगा, बेहतर नौकरी मिलेगी, अच्छा घर मिलेगा या कोई विशेष संबंध बनेगा, तभी वह खुश होगा। पुस्तक इस मानसिकता को बदलने का आग्रह करती है। उसका संदेश है कि वर्तमान जीवन में मौजूद छोटी-बड़ी अच्छी चीजों को पहचानना व्यक्ति की मानसिक स्थिति को बदल सकता है।

कृतज्ञता का यह अभ्यास केवल भौतिक इच्छाओं तक सीमित नहीं है। परिवार, मित्रता, स्वास्थ्य, प्रकृति, भोजन, शिक्षा, काम करने की क्षमता और जीवन के साधारण अनुभव भी कृतज्ञता के विषय हो सकते हैं। इस दृष्टिकोण से पुस्तक पाठक को यह देखने में मदद करती है कि संतोष हमेशा भविष्य में छिपा हुआ नहीं होता। कभी-कभी वर्तमान में मौजूद चीजों को नए दृष्टिकोण से देखना भी जीवन के अनुभव को बदल सकता है।

धन और समृद्धि पुस्तक के प्रमुख विषयों में से एक हैं। Byrne के अनुसार व्यक्ति को गरीबी और कमी के विचारों में लगातार डूबे रहने के बजाय समृद्धि की मानसिकता विकसित करनी चाहिए। पुस्तक पाठक को अपने आर्थिक लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट होने और स्वयं को आर्थिक सफलता के योग्य मानने की दिशा में प्रेरित करती है। वह इस बात पर जोर देती है कि व्यक्ति को केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि उसके पास क्या नहीं है, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि वह क्या बनाना, प्राप्त करना और साझा करना चाहता है।

हालाँकि पुस्तक की समृद्धि संबंधी चर्चा को केवल “सोचो और पैसा अपने आप आ जाएगा” के रूप में समझना इसके व्यापक संदेश को बहुत सरल बना देना होगा। व्यवहारिक जीवन में आर्थिक सफलता के लिए कौशल, परिश्रम, शिक्षा, अवसर, योजना और परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं। पुस्तक का अधिक उपयोगी पक्ष यह है कि वह पाठक को कमी की मानसिकता से बाहर निकलकर संभावनाओं और लक्ष्यों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करती है।

स्वास्थ्य के संदर्भ में भी पुस्तक विचारों और भावनाओं की भूमिका पर चर्चा करती है। Byrne सकारात्मक मानसिक अवस्था, प्रेम, आनंद और आशावाद को स्वास्थ्य के लिए सहायक दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत करती हैं। यहाँ पाठक के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सकारात्मक सोच को चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं समझना चाहिए। गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य समस्या में चिकित्सकीय सलाह और प्रमाण-आधारित उपचार आवश्यक होते हैं। पुस्तक का संदेश मानसिक दृष्टिकोण के स्तर पर समझना अधिक उचित है—अर्थात तनाव कम करना, आशा बनाए रखना और अपने जीवन के प्रति सकारात्मक भाव विकसित करना व्यक्ति के समग्र अनुभव को प्रभावित कर सकता है।

पुस्तक संबंधों को भी आकर्षण के सिद्धांत से जोड़ती है। Byrne के अनुसार यदि व्यक्ति प्रेमपूर्ण और सम्मानजनक संबंध चाहता है, तो उसे स्वयं भी प्रेम, सम्मान और समझ की भावनाएँ विकसित करनी चाहिए। किसी दूसरे व्यक्ति को बदलने की कोशिश करने के बजाय अपने व्यवहार और भावनात्मक दृष्टिकोण पर ध्यान देना अधिक उपयोगी हो सकता है। सकारात्मक संबंधों में कृतज्ञता और सराहना की भूमिका भी पुस्तक में महत्वपूर्ण है। जब हम किसी व्यक्ति की अच्छाइयों पर ध्यान देते हैं, तो अक्सर हमारा अपना व्यवहार भी अधिक गर्मजोशीपूर्ण और संवेदनशील हो जाता है।

इस विचार का एक मानवीय पक्ष यह है कि संबंध केवल इच्छाओं की पूर्ति का माध्यम नहीं हैं। प्रेम में दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता, सीमाएँ, इच्छाएँ और भावनाएँ भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए पुस्तक के संबंध संबंधी विचारों को स्वस्थ संवाद, सम्मान और पारस्परिक जिम्मेदारी के साथ समझना अधिक संतुलित दृष्टिकोण देता है।

कार्य और सफलता के संदर्भ में “रहस्य” व्यक्ति को अपनी कल्पना की सीमाएँ विस्तृत करने के लिए प्रेरित करती है। कई लोग अपनी परिस्थितियों के कारण पहले ही तय कर लेते हैं कि वे क्या नहीं कर सकते। पुस्तक उनसे पूछती है कि यदि असफलता का डर न हो तो वे क्या करना चाहेंगे। यह प्रश्न व्यक्ति को अपनी वास्तविक आकांक्षाओं के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है। लक्ष्य की कल्पना, सकारात्मक विश्वास और निरंतर ध्यान व्यक्ति को अपने उद्देश्य की ओर कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

पुस्तक में देने और प्राप्त करने का विचार भी महत्वपूर्ण है। जीवन को केवल व्यक्तिगत लाभ के रूप में देखने के बजाय दूसरों के प्रति उदारता, प्रेम और सहायता की भावना रखने की बात की जाती है। यह विचार पुस्तक के सकारात्मक और मानवीय पक्ष को मजबूत करता है। खुशी केवल चीजें जमा करने से नहीं आती; किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में उपयोगी होना, प्रेम देना और अपने अनुभवों को साझा करना भी जीवन को अर्थपूर्ण बना सकता है।

पूरी पुस्तक में एक और प्रमुख तकनीक है affirmations, अर्थात सकारात्मक कथनों का दोहराव। व्यक्ति स्वयं से ऐसे वाक्य कह सकता है जो उसके इच्छित दृष्टिकोण को मजबूत करें। उदाहरण के लिए, “मैं सीखने में सक्षम हूँ”, “मैं अपने अवसरों को पहचानता हूँ” या “मैं अपने जीवन में मौजूद अच्छी चीजों के लिए कृतज्ञ हूँ।” ऐसे कथन व्यक्ति के ध्यान को सकारात्मक दिशा में रखने में मदद कर सकते हैं। उनका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति उन्हें वास्तविक व्यवहार और प्रयासों के साथ कैसे जोड़ता है।

“रहस्य” का अंतिम संदेश मूलतः जीवन के प्रति एक सक्रिय और आशावादी दृष्टिकोण विकसित करने का है। यह पाठक को याद दिलाती है कि परिस्थितियाँ हमेशा हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन उनके प्रति हमारा दृष्टिकोण, हमारी प्रतिक्रियाएँ और हमारे अगले कदम अक्सर हमारे हाथ में होते हैं। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, योजनाएँ असफल होंगी और कभी-कभी ऐसी घटनाएँ होंगी जिन्हें केवल सकारात्मक सोच से बदला नहीं जा सकता। फिर भी मनुष्य अपने ध्यान को पुनर्गठित कर सकता है, अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट कर सकता है और अपने जीवन में उन चीजों के लिए सचेत प्रयास कर सकता है जिन्हें वह महत्वपूर्ण मानता है।

अंततः “रहस्य” को केवल इच्छा पूरी करने की किताब के रूप में पढ़ना इसके एक महत्वपूर्ण मानवीय संदेश को छोड़ देना होगा। इसकी सबसे उपयोगी सीख यह है कि हमारा ध्यान हमारे अनुभव को आकार देता है। जिस चीज को हम बार-बार देखते हैं, जिसके बारे में सोचते हैं और जिसे महत्व देते हैं, वह हमारे व्यवहार का हिस्सा बनने लगती है। इसलिए पुस्तक पाठक को अपने विचारों के प्रति जागरूक होने, कृतज्ञता विकसित करने, स्पष्ट लक्ष्य बनाने, सकारात्मक भावनाओं को पोषित करने और अपने इच्छित जीवन की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है।

Rhonda Byrne का “रहस्य” वैज्ञानिक सिद्धांतों की पुस्तक के बजाय मुख्यतः आध्यात्मिक और प्रेरणात्मक पुस्तक के रूप में समझना अधिक उचित है। आकर्षण के नियम के कुछ दावे वैज्ञानिक रूप से स्थापित तथ्य नहीं हैं। फिर भी पुस्तक ने दुनिया भर के पाठकों के बीच इसलिए प्रभाव पैदा किया है क्योंकि यह एक सरल और भावनात्मक प्रश्न उठाती है: यदि हम अपने जीवन को केवल परिस्थितियों के अनुसार जीने के बजाय अपने ध्यान, विश्वास और कार्यों के प्रति अधिक सजग होकर जीना शुरू करें, तो क्या बदल सकता है? इसी प्रश्न के आसपास पूरी पुस्तक का संदेश घूमता है। “रहस्य” पाठक को अपने जीवन की दिशा पर विचार करने, वर्तमान के प्रति कृतज्ञ होने और भविष्य के लिए आशावादी तथा उद्देश्यपूर्ण दृष्टि विकसित करने का निमंत्रण देती है।

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