The Psychology of Money (Hindi)

Morgan Housel, Asma (Translator)

Paperback • 236 Pages • ₹ 250.00 • Hindi • 9789390166848
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Publisher Jaico Publishing House
ISBN13 9789390166848
ASIN/SKU 9390166845
Book Format Paperback
Language Hindi
Pages 236
List Price ₹ 250.00
Publishing Date 25/06/2021
Dimensions 20.3 x 25.4 x 4.7 cm
Weight 210 g
Book Code BD00069831

Discover The Psychology of Money (Hindi) by Morgan Housel. This book is published by Jaico Publishing House in Paperback format, ISBN 9789390166848, ASIN 9390166845, under Business and Money, Analysis and Strategy, Personal Transformation.

Book Description

“कुछ ही लोग हैं जो वित्त के बारे में मॉर्गन हाउज़ल की तरह सुंदर स्पष्ठता के साथ लिख सकते हैं|”

- डेनियल एच पिंक : व्हेन, टु सेल इज़ ह्यूमन और ड्राइव के न्यू यॉर्क टाइम्स बेस्टसेलिंग लेखक

“हाउज़ल के अवलोकन प्राय: एक तीर से दो शिकार करते हैं: वे ऐसी चीज़ें कहते हैं जो पहले नहीं कही गई हैं, और वे अर्थपूर्ण भी हैं|”

- हावर्ड मार्क्स : ओकट्री कैपिटल मैनेजमेंट के सह-संस्थापक और सह-अध्यक्ष

”वह अनूठा लेखक जो जटिल अवधारणाओं को दिलचस्प और सरलता से समझ आने वाले वृत्तांत में बदल देता है|”

- ऐनी ड्यूक : लेखक, थिंकिंग इन बेट्स

भली भांती धन प्रबंधन करने का संबंध अवश्य रूप से इससे नहीं है कि आप क्या जानते हैं| इसका संबंध आपके आचरण से है| और आचरण सिखाना कठिन काम है, उन्हें भी जो होशियार हैं|

धन का प्रबंधन, निवेश और उद्यम संबंधी निर्णय लेना ऐसे विषय माने जाते हैं जिनमें आमतौर पर काफ़ी गणितीय हिसाब किताब होता है, जहाँ डेटा और फ़ॉर्मूले हमें बताते हैं कि आख़िर क्या करना है| लेकिन वास्तविक संसार में, लोग वित्तीय निर्णय स्प्रेडशीट पर नहीं लेते| वे खाने की मेज़ पर या किसी सभाकक्ष में उन्हें बनाते हैं, जहाँ व्यक्तिगत इतिहास, संसार के प्रति आपका अद्वितीय द़ृष्ठिकोण, अहंकार, अभिमान, मार्केटिंग और विचित्र प्रेरक साथ में उलझे होते हैं|

धन-संपत्ति के मनोविज्ञान में लेखक ने १९ लघु कहानियाँ प्रस्तुत की हैं, जो धन के बारे में लोगों की विचित्र सोच का समन्वेषण करती हैं, और साथ ही आपको सिखाती हैं कि आप किस प्रकार जीवन के इस सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पहलू को बेहतर रूप से समझ सकते हैं|

मॉर्गन हाउज़ल द कोलैब्रेटिव फ़ंड में एक पार्टनर हैं, और द मोटले फ़ूल और द वॉल स्ट्रीट जर्नल में पूर्व समीक्षक रह चुके हैं| वे सोसायटी ऑफ़ अमेरिकन बिज़नेस एडिटर्स एंड राइटर्स के बेस्ट इन बिज़नेस अवार्ड के दो बार के विजेता, न्यू यॉर्क टाइम्स सिड्नी अवार्ड के विजेता, और प्रतिष्ठित व्यापार एवं वित्तीय पत्रकारिता के लिये दो बार जेराल्ड लोएब अवार्ड के फ़ाइनलिस्ट रह चुके हैं|

Dive deep into the complex relationship between human behaviour and money with this enlightening book. The Psychology of Money offers profound insights into how we think about wealth, success & happiness. Through engaging storytelling & practical wisdom, this book explores timeless financial principles that go beyond traditional investment advice. The author masterfully breaks down complex financial concepts into digestible lessons about risk, opportunity & the role of luck in our financial lives. Perfect for both novice investors & seasoned financial professionals, this paperback presents a fresh perspective on managing money that focuses on behaviour rather than technical analysis. The book's elegant cover design features a thought-provoking illustration of a brain-maze hybrid, symbolising the intricate mental pathways we navigate in our financial decisions. Whether you're building wealth, planning for retirement, or simply seeking to understand your relationship with money better, this compelling read provides valuable insights that can transform your financial mindset.

Author Biography

Morgan Housel is a partner at The Collaborative Fund. He is a two-time winner of the Best in Business Award from the Society of American Business Editors and Writers, winner of the New York Times Sidney Award, and a two-time finalist for the Gerald Loeb Award for Distinguished Business and Financial Journalism. He lives in Seattle with his wife and two kids.

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Book Summary

The Psychology of Money प्रसिद्ध लेखक और वित्तीय विचारक मॉर्गन हाउज़ल की अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक है, जो पहली बार वर्ष 2020 में प्रकाशित हुई। यह पुस्तक निवेश, बचत और धन कमाने की तकनीकी रणनीतियों से अधिक इस बात पर केंद्रित है कि लोग पैसे के बारे में कैसे सोचते हैं और उनके व्यवहार का उनकी आर्थिक सफलता पर क्या प्रभाव पड़ता है। लेखक का मानना है कि वित्तीय सफलता केवल गणित, अर्थशास्त्र या उच्च आय का परिणाम नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति की आदतों, धैर्य, भावनाओं और निर्णय लेने की क्षमता पर भी निर्भर करती है। सरल भाषा और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से यह पुस्तक बताती है कि धन का सही उपयोग केवल अधिक कमाने में नहीं, बल्कि समझदारी से उसे संभालने में है।

पुस्तक की शुरुआत इस विचार से होती है कि हर व्यक्ति का पैसे के साथ संबंध अलग होता है। हम अपने परिवार, समाज, शिक्षा, आर्थिक परिस्थितियों और जीवन के अनुभवों के आधार पर धन के बारे में अलग-अलग धारणाएँ विकसित करते हैं। यही कारण है कि एक ही परिस्थिति में दो लोग बिल्कुल अलग वित्तीय निर्णय ले सकते हैं। लेखक का कहना है कि किसी के निर्णय को केवल सही या गलत कहने से पहले यह समझना चाहिए कि उसके अनुभव और परिस्थितियाँ क्या रही हैं। इसलिए धन से जुड़े निर्णय हमेशा पूरी तरह तर्कसंगत नहीं होते; उनमें भावनाओं और व्यक्तिगत अनुभवों की भी बड़ी भूमिका होती है।

मॉर्गन हाउज़ल बताते हैं कि धन कमाने और धन बनाए रखने में बहुत अंतर है। कई लोग अच्छी आय अर्जित कर लेते हैं, लेकिन अनुशासन की कमी, अत्यधिक खर्च या जोखिम भरे निर्णयों के कारण अपनी संपत्ति खो देते हैं। इसके विपरीत कुछ लोग सामान्य आय होने के बावजूद नियमित बचत, संयम और धैर्य के कारण समय के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बन जाते हैं। लेखक के अनुसार वित्तीय सफलता का सबसे महत्वपूर्ण गुण प्रतिभा नहीं, बल्कि लगातार सही आदतों का पालन करना है।

पुस्तक का सबसे महत्वपूर्ण विचार चक्रवृद्धि (Compounding) की शक्ति है। लेखक बताते हैं कि छोटे-छोटे निवेश और नियमित बचत लंबे समय में असाधारण परिणाम दे सकते हैं। यह केवल निवेश पर मिलने वाले ब्याज की बात नहीं है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में धैर्य की शक्ति का प्रतीक भी है। जो लोग जल्दी अमीर बनने के बजाय लंबे समय तक अनुशासन बनाए रखते हैं, वे अक्सर अधिक स्थायी सफलता प्राप्त करते हैं। लेखक अनेक उदाहरणों के माध्यम से समझाते हैं कि समय, निवेश का सबसे बड़ा साथी है।

पुस्तक में भाग्य और जोखिम की भूमिका पर भी गहरी चर्चा की गई है। लेखक कहते हैं कि किसी व्यक्ति की सफलता या असफलता का पूरा श्रेय केवल उसकी मेहनत या बुद्धिमानी को नहीं दिया जा सकता। जीवन में भाग्य और परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी प्रकार असफलता का हर कारण व्यक्ति की गलती नहीं होता। इसलिए हमें दूसरों की सफलता से अंधाधुंध तुलना नहीं करनी चाहिए और न ही अपनी असफलताओं से पूरी तरह निराश होना चाहिए। संतुलित दृष्टिकोण अपनाना ही समझदारी है।

मॉर्गन हाउज़ल एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंतर समझाते हैं—अमीर दिखना और वास्तव में संपन्न होना। लेखक के अनुसार कई लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा महंगी वस्तुओं, आलीशान जीवनशैली और दूसरों को प्रभावित करने में खर्च कर देते हैं। बाहर से वे समृद्ध दिखाई देते हैं, लेकिन उनके पास वास्तविक वित्तीय सुरक्षा नहीं होती। दूसरी ओर, कई संपन्न लोग सादगी से जीवन जीते हैं, नियमित बचत करते हैं और भविष्य के लिए निवेश करते हैं। लेखक का कहना है कि सच्ची संपत्ति वह है जो दिखाई नहीं देती, बल्कि वह धन है जिसे खर्च करने के बजाय सुरक्षित और निवेशित रखा गया है।

पुस्तक का एक और केंद्रीय विचार है कि वित्तीय स्वतंत्रता धन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। लेखक के अनुसार पैसे का सबसे बड़ा लाभ यह नहीं कि उससे महंगी चीज़ें खरीदी जा सकती हैं, बल्कि यह है कि वह व्यक्ति को अपने समय और निर्णयों पर नियंत्रण देता है। जब किसी के पास पर्याप्त बचत और आर्थिक सुरक्षा होती है, तो वह केवल मजबूरी में काम करने के बजाय अपनी पसंद के अनुसार जीवन जी सकता है। यही स्वतंत्रता वास्तविक समृद्धि का प्रतीक है।

लेखक बचत की आदत को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हैं। उनके अनुसार बचत केवल भविष्य की किसी विशेष योजना के लिए नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों के लिए भी होनी चाहिए जिनका अनुमान पहले से नहीं लगाया जा सकता। जीवन अनिश्चित है और अचानक आने वाली समस्याएँ आर्थिक दबाव पैदा कर सकती हैं। यदि व्यक्ति के पास आपातकालीन बचत हो, तो वह कठिन समय में अधिक आत्मविश्वास और शांति के साथ निर्णय ले सकता है।

पुस्तक यह भी सिखाती है कि हर निर्णय में सुरक्षा का एक मार्जिन (Margin of Safety) रखना बुद्धिमानी है। भविष्य पूरी तरह अनुमान के अनुसार नहीं चलता। इसलिए निवेश, व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन में ऐसी योजनाएँ बनानी चाहिए जो अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी टिक सकें। लेखक बताते हैं कि अत्यधिक जोखिम लेने के बजाय संतुलित और सुरक्षित निर्णय लंबे समय में अधिक लाभदायक सिद्ध होते हैं।

मॉर्गन हाउज़ल तुलना की आदत को भी आर्थिक असंतोष का एक बड़ा कारण मानते हैं। वे कहते हैं कि यदि व्यक्ति हमेशा दूसरों की आय, संपत्ति या जीवनशैली से अपनी तुलना करेगा, तो संतुष्टि कभी नहीं मिलेगी। हर किसी की परिस्थितियाँ, जिम्मेदारियाँ और प्राथमिकताएँ अलग होती हैं। इसलिए वित्तीय निर्णय दूसरों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि अपने जीवन की आवश्यकताओं और लक्ष्यों के अनुसार लेने चाहिए।

लेखक यह भी बताते हैं कि दुनिया लगातार बदलती रहती है। इसलिए किसी एक निवेश रणनीति या आर्थिक सिद्धांत को हमेशा सही नहीं माना जा सकता। परिस्थितियों के अनुसार सीखते रहना, अपनी गलतियों को स्वीकार करना और आवश्यक होने पर अपने निर्णयों में बदलाव करना ही समझदारी है। सफल निवेशक वे नहीं होते जो हर बार सही साबित हों, बल्कि वे होते हैं जो गलतियों से सीखकर लंबे समय तक टिके रहते हैं।

पुस्तक का एक महत्वपूर्ण संदेश यह है कि धैर्य, विनम्रता और यथार्थवादी अपेक्षाएँ वित्तीय सफलता के आधार हैं। जो लोग हर समय असाधारण लाभ की उम्मीद करते हैं, वे अक्सर अनावश्यक जोखिम उठा लेते हैं। इसके विपरीत, जो लोग धीरे-धीरे आगे बढ़ने, नियमित बचत करने और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने का अभ्यास करते हैं, वे समय के साथ अधिक स्थायी संपत्ति का निर्माण कर पाते हैं।

अंततः The Psychology of Money केवल धन कमाने की पुस्तक नहीं है, बल्कि धन के साथ स्वस्थ और संतुलित संबंध बनाने का मार्गदर्शन है। यह सिखाती है कि आर्थिक सफलता का वास्तविक रहस्य अधिक कमाने में नहीं, बल्कि समझदारी से खर्च करने, नियमित बचत करने, धैर्यपूर्वक निवेश करने और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने में छिपा है। यह पुस्तक हमें याद दिलाती है कि वित्तीय निर्णय केवल संख्याओं का खेल नहीं हैं, बल्कि वे हमारे स्वभाव, आदतों और सोच का प्रतिबिंब भी हैं।

मॉर्गन हाउज़ल का सबसे बड़ा संदेश यही है कि धन का उद्देश्य केवल संपत्ति इकट्ठा करना नहीं, बल्कि एक ऐसा जीवन बनाना है जिसमें सुरक्षा, स्वतंत्रता, संतोष और मानसिक शांति हो। जो व्यक्ति धैर्य, अनुशासन और विवेक के साथ अपने वित्तीय निर्णय लेता है, वही लंबे समय में वास्तविक समृद्धि प्राप्त कर सकता है। यही व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण इस पुस्तक को आधुनिक समय की सबसे प्रभावशाली व्यक्तिगत वित्त संबंधी पुस्तकों में शामिल करता है।

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